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शिव तांडव स्तोत्र पाठ करने के फायदे, लाभ, नियम, विधि | benefits of shiv tandav stotram in hindi

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A mazing benefits of shiv tandav stotram | क्या होगा अगर शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करेंगे रोज़ाना ? 🤯 शिव तांडव स्तोत्र पढ़ने के फ़ायदे और लाभ - जो मनुष्य शिवतांडव स्तोत्र द्वारा भगवान शिव की स्तुति करता है, उससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। नियमित रूप से शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से कभी भी धन-सम्पति की कमी नहीं होती है। शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से साधक को साथ ही उत्कृष्ट व्यक्तित्व की प्राप्ति होती है।  यह पाठ करने से व्यक्ति का चेहरा तेजमय होता है, आत्मबल मजबूत होता है।   शिवतांडव स्तोत्र का पाठ करने से मन की कामना पूर्ण हो जाती है।  माना जाता है कि प्रतिदिन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से वाणी की सिद्धि भी प्राप्त की जा सकती है।  भगवान शिव नृत्य, चित्रकला, लेखन, योग, ध्यान, समाधी आदि सिद्धियों को प्रदान करने वाले हैं, इसलिए शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से इन सभी विषयों में सफलता प्राप्त होती है।  शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने से शनि दोष को कुप्रभावों से भी छुटकारा मिलता है।  जिन लोगों की कुण्डली में सर्प योग, कालसर्प योग या पितृ दोष लगा हु...

मां बगलामुखी देवी कौन है ?

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माँ बगलामुखी फोटो hd मां बगलामुखी बगलामुखी देवी दस महाविद्याओं में से एक हैं। यह आठवीं महाविद्या और स्तम्भन की देवी मानी जाती हैं। बगलामुखी देवी अपने भक्तों के कष्टों को दूर कर उन्हें भयमुक्त करती हैं। इन्हें पीताम्बरा के नाम से भी जाना जाता हैं। इन्हें पीला रंग अधिक पसंद है। देवी रत्नजड़ित सिंहासन पर विराजमान होती हैं तथा उनके भक्तों को तीन लोकों में कोई पराजित नहीं कर सकता। बगला शब्द संस्कृत भाषा से आया है जिसका अर्थ है दुल्हन। बगलामुखी रूप में देवी अपने अलौलिक सौंदर्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।    पौराणिक कथा  एक मान्यता के अनुसार एक बार ब्रह्मांड में तूफान आया। तूफान आने से समस्त सृष्टि में प्रलय आ गया। सभी जीव-जन्तु नष्ट होने लगे। इस विनाशकारी तूफान से देवता भी बहुत चिंतित हो गए। भगवान विष्णु ने चिंतामग्न होकर इस तूफान को खत्म करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने देवी की आराधना की। देवी प्रसन्न हो गयीं और उन्होंने बगलामुखी के रूप में अवतार लिया। बगलामुखी महाविद्या को विष्णु के तेज से सम्पन्न होने के कारण वैष्णवी भी कहा जाता है।     मां बगलामुखी की पूजा ...

Why Lord Ram killed Bali ? श्री राम ने बाली को क्यों मारा ?

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श्री राम ने बाली को क्यों मारा वह चाहते तो पाली को क्षमा भी तो कर सकते थे क्योंकि बाली ने जब सुग्रीव को सिंहासन पर बैठा देगा तो वाले को तो ऐसा ही लगा कि सुग्रीव ने जानबूझ कर उसे गुफा में बंद कर दिया ताकि वह सिंहासन और उसकी बीवी को हड़प सके , श्री राम यदि चाहते तो बाली को समझाते कि सुग्रीव ने जो कुछ किया अनजाने में किया और इस बात पर भी हम सभी को पूरा भरोसा है कि यदि श्री राम स्वयं वाले को समझाते तो बारिश पर यकीन भी कर लेते हैं की सुग्रीव निर्दोष है। लेकिन फिर भी, फिर भी श्री राम ने बाली को क्यों मारा यह सवाल हम सबके दिमाग में घूमता रहता है।  तो आज इसी का सही और सटीक उत्तर को जान लेते हैं :  सबसे पहली बात तो यह है कि बाली को अपनी शक्ति पर अपनी ताकत पर इतना ज्यादा घमंड था कि उसे सुग्रीव की बात को सुनना कुछ लग रहा था और साथ ही यदि एक पल को मान लेते हैं कि बाली से ही सब कुछ अनजाने में हुआ लेकिन जो हुआ सो हुआ परंतु उसने तो सुग्रीव को मार कर भाग आने के बाद उसकी पत्नी को भी हड़पने का प्रयास किया उस पर बुरी नजर डाली।  और जब श्री राम बाली का वध कर देते हैं तो वाली कहता है कि यदि आप...